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जब वोटर ID से लिंक हो जाएगा आधार नंबर, तब क्या-क्या बदल जाएगा? पूरी बात समझिए

नई दिल्ली: चुनाव आयोग वोटर लिस्ट से आधार डेटाबेस को जोड़ने जा रहा है। चुनाव आयोग और UIDAI साथ मिलकर काम करेगा। हाल ही में चुनाव आयोग, गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय, आईटी मंत्रालय और UIDAI के सीनियर अधिकारियों के बीच एक हाई लेवल मीटिंग हुई। इस इस मीटिंग में वोटर लिस्ट को आधार से जोड़ने पर बात हुई। अगर आपके आधार कार्ड से वोटर आईडी जुड़ेगी को क्या कुछ बदलाव होंगे? आइए समझते हैं।

66 करोड़ वोटरों का डेटाबेस आधार से होगा लिंक

अभी तक चुनाव आयोग ने 66 करोड़ से ज्यादा वोटरों से आधार की जानकारी ली है। इन वोटरों ने अपनी मर्जी से यह जानकारी दी। लेकिन 66 करोड़ वोटरों के डेटाबेस को अभी तक नहीं जोड़ा गया है। इसका मतलब यह है कि आधार का इस्तेमाल करके वोटर लिस्ट से डुप्टीकेट नाम नहीं हटाए गए हैं। अब चुनाव आयोग और UIDAI यह पता लगाएंगे कि कैसे दोनों डेटाबेस को जोड़ा जाए। कम से कम उन वोटरों के लिए जिन्होंने अपनी मर्जी से चुनाव आयोग को जानकारी दी है।

कैसे वोटर आईडी से लिंक होगा आधार?

चुनाव आयोग ने फिलहात साफ तौर पर यह नहीं बताया है कि वोटर आईडी और आधार को कैसे लिंक किया जाएगा। लेकिन यह कहा गया कि ये काम जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23(4), 23(5) और 23(6) के अनुसार होगा। चुनाव आयोग की टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स और UIDAI जल्द ही इस पर बात करना शुरू करेंगे।

क्या है जनप्रतिनिधित्व अधिनियम?

जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 23(4), 23(5) और 23(6) में वोटर की पहचान के लिए आधार मांगने, मौजूदा वोटरों द्वारा अपनी मर्जी से आधार नंबर जमा करने और आधार की जानकारी न देने पर किसी को भी वोटर लिस्ट में शामिल होने से रोकने या वोटर लिस्ट से हटाने से बचाने के बारे में बताया गया है।

कानून मंत्रालय फॉर्म 6B में करेगा बदलाव?

इसके अलावा, यह भी फैसला हुआ कि फॉर्म 6B में बदलाव किया जाएगा। यह फॉर्म वोटरों से आधार नंबर लेने के लिए बनाया गया था। कानून मंत्रालय एक नोटिफिकेशन जारी करके इसमें बदलाव करेगा। इससे यह साफ होगा कि आधार की जानकारी देना स्वैच्छिक है या नहीं। अभी फॉर्म 6B में वोटरों के पास आधार की जानकारी न देने का विकल्प नहीं है। इसमें सिर्फ दो विकल्प हैं- या तो आधार नंबर दें या यह घोषणा करें कि "मैं अपना आधार देने में असमर्थ हूं क्योंकि मेरे पास आधार नंबर नहीं है।"

अब इसमें बदलाव किया जाएगा ताकि वोटर के पास आधार की जानकारी न देने का विकल्प हो। लेकिन वोटर को यह बताना होगा कि वह अपना 12 अंकों का पहचान नंबर क्यों नहीं दे रहा है।

कब होगा यह बदलाव?

यह बदलाव जल्द ही होने की उम्मीद है। बिहार में होने वाले अगले विधानसभा चुनावों से पहले यह बदलाव हो सकता है। चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में सितंबर 2023 में एक केस की सुनवाई के दौरान कहा था कि वह वोटर आईडी से जुड़े नियमों में बदलाव करने पर विचार कर रहा है।

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